नशा एक अभिशाप
नशा एक धीमा ज़हर है जो मनुष्य को अंदर ही अंदर खोखला कर देता है और अंत में मृत्यु को प्राप्त हो जाता है। आज सभी स्वास्थ केंद्र और नशा मुक्ति केंद्र नशे की गिरफ्त में फंसे युवाओं से भरे पड़े हैं।
नशे के मुख्य स्रोत अफीम चरस गांजा तंबाकू गुटखा कुबेर और आजकल बहु चर्चित चिट्टा है युवा नशे के इंजेक्शन ले रहे हैं परंतु यह सोचने वाली बात है कि जानलेवा चिट्टा आ कहां से रहा है कौन उत्तरदाई है परंतु यह काम अकेले पुलिस नहीं कर सकती इसके लिए समाज सेवी संस्थाएं जनप्रतिनिधि और विशेष कर माता-पिता का सहयोग जरूरी है सजा के लिए कानून सख्त होने चाहिए नशे के लिए माता-पिता उत्तरदाई है बच्चों को स्मार्टफोन स्टेटस सिंबल है , व्यस्त दिनचर्या के कारण माता पिता बच्चों की गतिविधियों पर ध्यान नहीं दे पा रहे हैं,खुला जेब खर्च भी एक कारण है युवा नशे में इतना जकड़ गया है कि अगर पैसा ना मिले तो चोरी और हत्या तक करने से नहीं कतराता। कॉलेज स्कूल अथवा कैंटीन में लड़के लड़कियां आराम से नशा करते देखे जा सकते हैं केमिस्ट शॉप्स में भी नशे की गोलियां और कैप्सूल आसानी से उपलब्ध हो जाते हैं नशा मुक्ति केंद्र कुछ नहीं कर सकते हमें शिक्षा पद्धति बदलनी होगी गुरुकुल विद्यालय स्थापित करने होंगे और बच्चों को छात्रावासौ में रखना होगा योग अनिवार्य करना होगा योगी छात्र-छात्राएं कभी नशे की तरफ आकर्षित नहीं होंगे ।
Mrs. Bimla Sharma (Teacher)
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