मंत्रिमंडल बैठक के अहम फैसले : शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और पर्यटन को मिली बड़ी सौगात
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल बैठक में कई बड़े निर्णय लिए गए। बैठक में सैकड़ों पद भरने की मंजूरी के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बुनियादी ढांचे से जुड़े अहम फैसले लिए गए।
स्वास्थ्य क्षेत्र
नौ जिलों के ‘आदर्श स्वास्थ्य संस्थानों’ में 28 डायलिसिस केंद्र स्थापित करने की मंजूरी।
चिकित्सा अधिकारी (सामान्य) संवर्ग को दो भागों – सामान्य व विशेषज्ञ में बांटने का निर्णय।
शिक्षा क्षेत्र
अगले शैक्षणिक सत्र से 100 सरकारी स्कूल सीबीएसई से संबद्ध होंगे।
रोजगार व स्वरोज़गार
पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्र में ‘आतिथ्य उद्योग में मुख्यमंत्री स्टार्ट-अप योजना’ शुरू होगी।
होमस्टे के लिए ऋणों पर ब्याज अनुदान – शहरी क्षेत्रों में 3%, ग्रामीण में 4% और जनजातीय में 5%।
बच्चों व सामाजिक कल्याण
एलएडीएफ निधि का 10% हिस्सा बच्चों की वित्तीय सहायता पर खर्च होगा।
ओबीसी, ईडब्ल्यूएस और बीपीएल उम्मीदवारों को आवेदन के समय प्रमाण पत्र न होने पर शपथ-पत्र देने की सुविधा।
प्रशासनिक सुधार
साच (पांगी) में नई उप-तहसील और नांगल में नया पटवार सर्किल।
चढ़ियार उप-तहसील को पूर्ण तहसील का दर्जा।
भोरंज, बामसन और सुजानपुर विकास खंडों का पुनर्गठन।
कांगड़ा जिले के हलेड़ (ज्वालामुखी) में जलशक्ति विभाग का नया उप-मंडल।
भूमि और पट्टा
हिमुडा के पक्ष में भूमि पट्टा अवधि 80 वर्ष तक बढ़ाई।
संजौली (शिमला) स्थित सन्गया चौलिंग एसोसिएशन के लिए भूमि पट्टा 40 वर्ष तक बढ़ाया।
सुरक्षा और पर्यटन
सभी पंजीकृत टेंडेम पायलटों को 2026 तक पैराग्लाइडिंग सुरक्षा प्रशिक्षण अनिवार्य।
राज्य के 13 स्थानों पर ग्रीन हाइड्रोजन और सोलर-सीबीजी पावर प्रोजेक्ट के लिए भूमि पट्टे पर देने की मंजूरी।
बुनियादी ढांचा
कांगड़ा हवाई अड्डे के भूमि अधिग्रहण की समयसीमा बढ़ाकर जून 2026 तक।
गांवों में नियोजित निर्माण को लेकर आदर्श उप-नियमों को मंजूरी।
स्नातक व अनुभवी पुलिस कांस्टेबल अब IPC के तहत तीन साल तक के कारावास वाले मामलों की जांच कर सकेंगे।


