शिमला से गिरफ्तार सुनील यादव गैंग के तीन गैंगस्टर पांच दिन के पुलिस रिमांड पर। पिस्तौल-जिंदा कारतूस के साथ पकड़े थे आरोपी, कई राज्यों में पहले से वांछित
प्रदेश की राजधानी शिमला के बालूगंज थाना तहत टुटू इलाके में बिना लाइसेंसी पिस्टल व कारतूस के साथ पकड़े गए पंजाब के तीनों आरोपियों को पुलिस ने अदालत में पेश किया गया। अदालत ने आरोपियों को पांच दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा है। पुलिस अब इनके अन्य मददगारों और गैंग कनेक्शन एवं नेटवर्क की गहराई से जांच करेगी। पकड़े गए आरोपियों में गुरजीत सिंह निवासी जिला मुक्तसर, प्रदीप कुमार उर्फ सुखा और जगपाल सिंह दोनों निवासी जिला फाजिल्का (पंजाब) शामिल हैं।
जांच में सामने आया है कि तीनों अपराधिक प्रवृत्ति के हैं और पंजाब, राजस्थान व मध्यप्रदेश में विभिन्न मामलों में वांछित चल रहे हैं। जानकारी अनुसार इनका सीधा संबंध सुनील यादव गैंग से है। लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने विदेश में सुनील यादव की हत्या कर दी थी। इसके बाद तीनों ने इंस्टाग्राम पर लाइव आकर बिश्नोई गैंग को ललकारा था। इसके चलते बिश्नोई गैंग इनके पीछे पड़ गया और अपनी जान बचाने के लिए इन्होंने जगह-जगह शरण लेना शुरू कर दिया।
गोपनीय सूचना के आधार पर एसआईटी ने चिट्टे की तस्करी के शक में शनिवार रात न्यू टुटू स्थित एक निजी भवन में दबिश दी। यहां कमरे में एक पिस्टल और 11 जिंदा कारतूस बरामद किए गए।
पुलिस पूछताछ ने अरोपियों ने यह बात भी कबूली है कि उनका एक दोस्त पंकज कासनिया अमेरिका में रहता है जिसने टुटू के स्थानीय युवक विकास से बात कर इनके लिए फ्लैट की व्यवस्था की थी। इसके अलावा अमेरिका में ही रह रहे लवजीत कंग ने उन्हें पिस्तौल मुहैया करवाई थी। पुलिस इसे लेकर भी गंभीरता से जांच कर रही है।
एसएसपी शिमला संजीव गांधी का कहना है कि आरोपी कई राज्यों में वांछित हैं और इनके तार बड़े गैंग से जुड़े हुए हैं। पड़ोसी राज्यों की पुलिस से संपर्क कर इनके बारे में और भी जानकारियां जुटाई जा रही हैं जल्द ही कुछ और खुलासे होने की संभावनाएं नजर आ रही है।


