हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने धर्मशाला के भाजपा विधायक सुधीर शर्मा और निर्दलीय विधायक होशियार सिंह को मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के खिलाफ मानहानि मामले में प्रति उत्तर दायर करने का अंतिम अवसर दिया है। न्यायाधीश सत्येन वैद्य की अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ता को अपना प्रति उत्तर दाखिल करने के लिए पहले ही पर्याप्त समय दिया जा चुका है। लेकिन अब तक यह दाखिल नहीं किया गया।
भाजपा विधायक सुधीर शर्मा और होशियार सिंह की ओर से हाईकोर्ट में दायर याचिका में आरोप लगाया गया है कि विधानसभा चुनाव के दौरान मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने अपमानजनक टिप्पणियां की थीं। इसे लेकर हाईकोर्ट में मानहानि का दावा दायर किया है। दीवानी मुकदमे में सुधीर शर्मा ने मुख्यमंत्री सुक्खू से माफी मांगने और मुआवजे के तौर पर 5 करोड़ रुपये की मांग की थी। सुधीर शर्मा का आरोप है कि मुख्यमंत्री ने अपने भाषणों में बार-बार उन पर कीचड़ उछाला। सीएम ने उन पर कई अपमानजनक टिप्पणियां की हैं, जिससे उनकी मानहानि हुई है।
उल्लेखनीय है कि कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र से चुनाव प्रचार की शुरुआत करते हुए मुख्यमंत्री कांग्रेस के बागी विधायकों पर जमकर बरसे थे। राज्यसभा चुनाव में सुधीर शर्मा सहित कुल छह कांग्रेस विधायकों ने क्रॉस वोट किया था। चुनाव में भाजपा प्रत्याशी हर्ष महाजन जीत गए थे। बाद में सीएम सुक्खू और कांग्रेस के अन्य नेताओं ने छह पार्टी विधायकों पर भाजपा के हाथों बिकने का आरोप लगाया। इस मामले में सुधीर शर्मा सहित अन्य ने मानहानि का मामला दर्ज किया था। जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया था कि बागी विधायक 15-15 करोड़ रुपये में बिके हैं।
याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने प्रति उत्तर दायर करने के लिए अदालत से दो सप्ताह का अतिरिक्त समय की मांग की। इस पर अदालत ने कहा कि रियायत के तौर पर याचिकाकर्ता को प्रति उत्तर दाखिल करने का यह अंतिम अवसर दिया जा रहा है। यदि वह दो सप्ताह के भीतर दाखिल नहीं किया गया है तो आगे कोई मौका नहीं दिया जाएगा। इन दोनों मामलों की सुनवाई 9 सितंबर को होगी। इस मामले में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की ओर से जवाब दाखिल कर दिया गया है।
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा कि भाजपा विधायक सुधीर शर्मा और निर्दलीय विधायक होशियार सिंह को रियायत के तौर पर प्रति उत्तर दाखिल करने का यह अंतिम अवसर दिया जा रहा है। यदि वह दो सप्ताह के भीतर दाखिल नहीं किया गया है तो आगे कोई मौका नहीं दिया जाएगा।


