हिमाचल प्रदेश बना पूर्ण साक्षर राज्य, देश में शीर्ष पर पहुँचा
हिमाचल प्रदेश ने शिक्षा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक मुकाम हासिल करते हुए खुद को पूर्ण साक्षर राज्य घोषित कर लिया है। अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने पीटरहॉफ, शिमला में यह घोषणा की। इस मौके पर शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, विभागीय सचिव, निदेशक और अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
-राष्ट्रीय औसत से कहीं आगे
जहां देश की औसत साक्षरता दर 80.9 प्रतिशत है, वहीं हिमाचल ने 99 प्रतिशत से अधिक का आंकड़ा छू लिया है। इसके साथ ही राज्य ने मिजोरम, त्रिपुरा और लक्षद्वीप जैसे पहले से पूर्ण साक्षर घोषित राज्यों को पीछे छोड़ते हुए देश में शीर्ष स्थान प्राप्त किया है।
-आज़ादी के समय से आज तक
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि आज़ादी के समय हिमाचल की साक्षरता दर मात्र 7 प्रतिशत थी। “मेरी माता पांचवीं तक और पिता सातवीं तक पढ़े थे, लेकिन उन्होंने शिक्षा का महत्व समझाया और आज उसी की बदौलत मैं मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंचा हूँ।”
उन्होंने कहा कि 78 वर्षों की यात्रा के बाद हिमाचल प्रदेश को पूर्ण साक्षर राज्य का दर्जा मिला है, जो पूरे प्रदेशवासियों के लिए गर्व की बात है।
-आँकड़े और उपलब्धियां
भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2024 में हिमाचल की अनुमानित जनसंख्या 75.27 लाख थी।
95,307 निरक्षरों की पहचान हुई
42,578 लोग साक्षर बने
अब सिर्फ 52,729 निरक्षर शेष हैं
इन आँकड़ों के आधार पर हिमाचल की साक्षरता दर 99.30 प्रतिशत पहुँच चुकी है।
-सरकार की आगे की योजना
मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले पाँच वर्षों में स्कूली शिक्षा का नक्शा बदल दिया जाएगा। शिक्षकों पर अनावश्यक दबाव कम किया जाएगा और शिक्षा की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने शेष 56,960 निरक्षरों को साक्षर बनाने के लिए नई योजना की भी घोषणा की।
-अन्य राज्यों से तुलना
हिमाचल प्रदेश: 99.02% – पूर्ण साक्षरता की दहलीज पर
मिजोरम: 98.2% – पहले ही पूर्ण साक्षर घोषित
लक्षद्वीप: 97.3% – शीर्ष केंद्र शासित क्षेत्र
त्रिपुरा: 95.6% – हाल ही में पूर्ण साक्षर बना
केरल: 95.3% – लंबे समय से शिक्षा में अग्रणी
गोवा: 93.6% – शहरी शिक्षा नेटवर्क मजबूत
-लगातार जारी अभियान
राज्य में साक्षरता दर बढ़ाने के लिए बीते वर्षों में कई योजनाएँ चलाई गईं।
उल्लास योजना (2023-25) – 43,885 लोग साक्षर हुए
पढ़ना-लिखना अभियान (2022) – 1 लाख लोग साक्षर बने
साक्षर भारत योजना (2017) – 67,500 लोग साक्षर बने
इन प्रयासों ने हिमाचल को शिक्षा के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बना दिया है।
-निष्कर्ष
हिमाचल प्रदेश की यह उपलब्धि सिर्फ आँकड़ों की जीत नहीं, बल्कि एक सामाजिक क्रांति का प्रतीक है। निरक्षरता से जूझते राज्य से लेकर पूर्ण साक्षर राज्य बनने तक की यह यात्रा बताती है कि जब सरकार, समाज और जनता मिलकर काम करें तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं।


