लोगों के गायब होने के पीछे मानव अंग तस्कर गिरोह सक्रिय- रिटायर्ड आर्मी इंटेलिजेंस अधिकारी ने किए खुलासे। 2018 से 2025 तक 11636 लोग हुए लापता
हिमाचल प्रदेश से लगातार लापता हो रहे लोगों को लेकर एक बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। आर्मी इंटेलिजेंस से सेवानिवृत्त अधिकारी मनोज कौशल ने दावा किया है कि राज्य से गायब हो रहे हजारों लोगों के पीछे मानव अंग तस्करी का संगठित गिरोह सक्रिय है। उनका कहना है कि वर्ष 2018 से 2025 तक केवल सात जिलों से ही 11,636 लोग रहस्यमयी परिस्थितियों में लापता हुए हैं और उनमें से अधिकांश का आज तक कोई सुराग नहीं मिल पाया। शेष पांच जिलों का आंकड़ा अभी आना बाकी है।
आर्मी इंटेलिजेंस से रिटायर्ड अधिकारी मनोज कौशल ने वीरवार को सर्किट हाउस में पत्रकार वार्ता कर हिमाचल से गायब हो रहे लोगों को लेकर सनसनीखेज खुलासा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य से लापता होने वाले लोगों के पीछे मानव अंग तस्करी करने वाला संगठित गिरोह काम कर रहा है, जिसकी जड़ें पंजाब के होशियारपुर जिले तक फैली हैं। मनोज कौशल ने बताया कि वर्ष 2018 से लेकर 2025 तक सात जिलों से लगभग 11,636 लोग लापता हुए हैं, जिनमें अधिकांश महिलाएं हैं। महिलाओं को सबसे आसान शिकार मानते हुए उन्हें रास्ता पूछने के बहाने गाडिय़ों में जबरन बिठाकर अगवा किया जाता है और बाद में मानव अंगों की तस्करी में इस्तेमाल किया जाता है।
उन्होंने कहा कि महिलाओं और अन्य लोगों को अपना शिकार बनाने के लिए आरोपियों की निगाह विशेष रूप से पंजाब से लगते जिलों कांगड़ा, ऊना और सोलन के बद्दी आदि पर रहती है। इसके अतिरिक्त यह लोग बिलासपुर, हमीरपुर, मंडी और चंबा जैसे जिलों में भी इन घटनाओं को अंजाम देने से पीछे नहीं हटते।
मनोज कौशल का यह गंभीर खुलासा प्रदेश की कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े करता है। उनका कहना है कि पंजाब के होशियारपुर जिले में इस अवैध कारोबार को संचालित करने वाला पूरा नेटवर्क काम कर रहा है। उन्होंने खुद के निजी अनुभव का जिक्र करते हुए बताया कि 2018 में उनकी भाभी अचानक गायब हो गई थी और आज तक उनका पता नहीं चल पाया। मामले की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने प्रदेश पुलिस और सरकार से इस पूरे प्रकरण की गहन जांच करने की मांग उठाई है।
उन्होंने कहा कि उनकी भाभी भी 2018 में रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गई थीं, जिनका आज तक कोई पता नहीं चला। उन्होंने पुलिस और सरकार से इस पूरे मामले की निष्पक्ष और सख्त छानबीन की मांग की है, ताकि प्रदेश से लगातार गायब हो रहे लोगों के रहस्य से पर्दा उठ सके और जिम्मेदार गिरोह कानून के शिकंजे में आ सके।
मनोज कौशल ने दावा किया कि उन्होंने इस संबंध में समय-समय पर पुलिस के आला अधिकारियों को पुख्ता सूचनाएं सबूतों के साथ उपलब्ध भी करवाई, लेकिन किसी भी चीज पर विस्तृत जांच अमल में ही नहीं लाई गई।


